Stories & Heritage
Mahan Vyaktitva (36)
वंश – अग्निवंश गोत्र – वशिष्ठ प्रवर – वशिष्ठ, अत्रि ,साकृति वेद – यजुर्वेद उपवेद – धनुर्वेद शाखा – वाजसनयि प्रथ...
Read Moreमेड़तिया राठौड़ राजपुताना इतिहास - राठौड़ो की सम्पूर्ण खापे - मेड़तिया राठौड़ मेड़तिया राठौड़ - मंडोर [जोधपुर] के शासक राव जो...
Read More(1) चन्ना :-- यह परमारों की प्राचीन शाखा है। (2) मोरी :-- परमारों की प्राचीन शाखा किसी मोरी परमार के वंशज। सम्भवतः चित्तौड़ का म...
Read Moreमालवा के प्राचीन परमार शासक- मालवा पर परमारों का ईसा से पूर्व में शासन था। हरनामसिंह चौहान के अनुसार परमार मौर्यवंश की शाखा है। रा...
Read Moreनो कोटी मारवाड़ :-- पांचवीं-छठी शताब्दी में पश्चिमी राजस्थान आबू, बाड़मेर, लोद्रवा, पूंगल आदि पर भी परमारों का राज्य था। यह राज्य उ...
Read Moreसांखला पंवारों की एक शाखा है। वि.सं. 1381 के प्राप्त शिलालेख में शंखकुल शब्द का प्रयोग किया गया है। धरणीवराह पुराने किराडू का राजा...
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सांखला पंवारों की एक शाखा है। वि.सं. 1381 के प्राप्त शिलालेख में शंखकुल शब्द का प्रयोग किया गया है। धरणीवराह पुराने किराडू का राजा...
Read Moreकच्छवाहा वंश अयोध्या राज्य के इक्ष्वाकु वंश की एक शाखा है। अयोध्या राज्य वंश में महान राजा इक्ष्वाकु, दानी हरिशचन्द्र, सगर, पितृ भ...
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बलहट बंका देवड़ा, करतब बंका गौड़, हाडा बंका गाढ़ में, रण बंका राठौड़ ! उत्पत्ति एवं विस्तार गौड़ क्षत्रिय भगवान श्रीराम के...
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संपर्क में रहकर अपने उद्देश्य के अनुरूप उपयुक्त प्रणाली हेतु चिंतन करते रहे। इस दौरान उन्होंने नित्य, निरंतर और नियमित अभ्यास की ए...
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