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डूंगरपुर राज्य
मेवाड़ (चित्तौड़) के रावल सामंतसिंह से जालोर के कीर्तिपाल चौहान ने राज्य छीन लिया। तब यह आहड़ प्रदेश में आए। मेवाड़ में ब...
Himmat Singh 29
डूंगरपुर राज्य
मेवाड़ (चित्तौड़) के रावल सामंतसिंह से जालोर के कीर्तिपाल चौहान ने राज्य छीन लिया। तब यह आहड़ प्रदेश में आए। मेवाड़ में ब...
Himmat Singh 25
बाँसवाड़ा राज्य
डूंगरपुर महारावल उदयसिंह जी के दो पुत्रों में राज्य का बँटवारा हुआ। बड़े पुत्र पृथ्वीराज जी को *डूंगरपुर* मिला व छोटे पु...
Himmat Singh 25
गुहिलोत वंश की शाखाएँ
(1) गुहिलोत :-- मेवाड़ राजवंश के आदि पुरुष गुहादित्य के वंशज। (2) आसिल :- कालभोज (बाप्पा रावल) के पुत्र आसिल के वंशज।...
Himmat Singh 42
चंद्रावत
सिसोदे के राणा वंश में भीमसिंह हुए, जिनके एक पुत्र चन्द्रसिंह (चंद्रा) के वंशज चंद्रावत कहलाये। चन्द्रा को आन्तरि परगना...
Himmat Singh 36
भाटी वंश की शाखाएं
1 अभोरिया भाटी : राजा भाटी के बाद क्रमशः भूपति, भीम, सातेराव, खेमकरण, नरपत, गज, लोमनराव, रणसी, भोजसी व अभयराव हुए। इसी...
Himmat Singh 61
जैसलमेर राज्य
राजा भाटी (भट्टी) की मृत्यु के बाद उसके वंशज बछराव, विजयराव, मंझणराव, मंगलराव भटनेर के शासक बने। मंगलराव के समय गजनी के...
Himmat Singh 29
जाडेजा वंश
जडेजा राजवंश गुजरात के कच्छ व सौराष्ट्र के इलाके में राज करने वाला एक झुझारू राजवंश है। जडेजा राजवंश चंद्रवंशी क्षत्रिय...
Himmat Singh 46
चुड़ासमा-सरवैया-रायजादा
चूड़ासमा गिरीनगर (गिरनार) के नाम से प्रख्यात जूनागढ प्राचीनकाल से ही आनर्त प्रदेश का केन्द्र रहा है। उसी जूनागढ...
Himmat Singh 33
परमार वंश के वंशचिन्ह (गोत्र-प्रवरादि)
वंश – अग्निवंश गोत्र – वशिष्ठ प्रवर – वशिष्ठ, अत्रि ,साकृति वेद – यजुर्वेद उपवेद – धनुर्वेद शाखा – वाजसन...
Himmat Singh 32
मेड़तिया राठौड़
मेड़तिया राठौड़ राजपुताना इतिहास - राठौड़ो की सम्पूर्ण खापे - मेड़तिया राठौड़ मेड़तिया राठौड़ - मंडोर [जोधपुर] के श...
Himmat Singh 43
पंवार वंश की शाखाएँ
(1) चन्ना :-- यह परमारों की प्राचीन शाखा है। (2) मोरी :-- परमारों की प्राचीन शाखा किसी मोरी परमार के वंशज। सम्भवतः चि...
Himmat Singh 34