Stories & Heritage
Mahan Vyaktitva (36)
(1) गुहिलोत :-- मेवाड़ राजवंश के आदि पुरुष गुहादित्य के वंशज। (2) आसिल :- कालभोज (बाप्पा रावल) के पुत्र आसिल के वंशज। (3) मांगलि...
Read Moreसिसोदे के राणा वंश में भीमसिंह हुए, जिनके एक पुत्र चन्द्रसिंह (चंद्रा) के वंशज चंद्रावत कहलाये। चन्द्रा को आन्तरि परगना जागीर में...
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भाटी चंद्रवंशी क्षत्रिय हैं। श्रीमदभगवत पुराण में लिखा है, चंद्रमा का जन्म अत्री ऋषि की द्रष्टि के प्रभाव से हुआ था। ब्रह्मा के पु...
Read More1 अभोरिया भाटी : राजा भाटी के बाद क्रमशः भूपति, भीम, सातेराव, खेमकरण, नरपत, गज, लोमनराव, रणसी, भोजसी व अभयराव हुए। इसी अभयराव के...
Read Moreराजा भाटी (भट्टी) की मृत्यु के बाद उसके वंशज बछराव, विजयराव, मंझणराव, मंगलराव भटनेर के शासक बने। मंगलराव के समय गजनी के शासक धुंडी...
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ऐतिहासिक तथ्य यदुवंशियों (जिन्हे सूरसेन वंशी भी कहा जाता था) का राज्य ब्रज प्रदेश में सिकंदर के आक्रमण के समय भी होना पाय...
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1 - भिरुगुदे ( Bhragudeyo) 2- पचोईयां (Pachoiyan) 3 - ओहरे (Ohre) 4- कोनियां (Konaiyan) 5- विश्गोलिया (vishgoliya)...
Read Moreजडेजा राजवंश गुजरात के कच्छ व सौराष्ट्र के इलाके में राज करने वाला एक झुझारू राजवंश है। जडेजा राजवंश चंद्रवंशी क्षत्रिय हैं व इनकी...
Read Moreचूड़ासमा गिरीनगर (गिरनार) के नाम से प्रख्यात जूनागढ प्राचीनकाल से ही आनर्त प्रदेश का केन्द्र रहा है। उसी जूनागढ पर चंद्रव...
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इतिहास में परमार राजवंश अति प्रसिद्ध रहा है। परमार शब्द का अपभ्रंश होकर पंवार हो गया। इस वंश में राजा विक्रमादित्य व राजा भोज जैसे...
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