Stories & Heritage
Mahan Vyaktitva (36)
राव ऊदाजी जी जोधपुर नरेश राव सुजाजी के पुत्र व राव जोधाजी के पौत्र थे। राव ऊदाजी का जन्म वि.सं.1519 (1462 ई.) को मिगसर वदी 10 गुर...
Read Moreराजपूत युग की वीरता व पराक्रम का भारतीय इतिहास में अद्वितीय स्थान है। क्षत्रियों का कार्य समाज की रक्षा करना था। कालांतर में ये ही...
Read Moreभारतीय स्वतन्त्रता के लिए संघर्षरत राजस्थानी योद्धाओं में शेखावाटी के सीकर संस्थान के बठोठ पाटोदा के ठाकुर डूंगरसिंह (Dungji), ठाक...
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कच्छवाहा वंश अयोध्या राज्य के इक्ष्वाकु वंश की एक शाखा है। अयोध्या राज्य वंश में महान राजा इक्ष्वाकु, दानी हरिशचन्द्र, सगर, पितृ भ...
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मेजर शैतान सिंह भाटी: रेज़ांग ला के अमर वीर भारत माता के सच्चे सपूत मेजर शैतान सिंह भाटी का नाम देश के इतिहास में स्वर्ण अक्षरो...
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भगवान *राम* के पुत्र कुश के वंशज अयोध्या के अंतिम सूर्यवंशी राजा सुमित्र के एक पुत्र कूर्म के वंशज *कछवाह* कहलाये। सुमित्र के दूसर...
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गुहादित्य ने ईस्वी सन् 566 के लगभग ईडर में अपना राज्य स्थापित किया। इनके वंशज भोज, महेंद्र 1, नाग, शील, अपराजित तथा महेंद्र 2 हुए।...
Read Moreमेवाड़ (चित्तौड़) के रावल सामंतसिंह से जालोर के कीर्तिपाल चौहान ने राज्य छीन लिया। तब यह आहड़ प्रदेश में आए। मेवाड़ में बहने वाली आ...
Read Moreमेवाड़ (चित्तौड़) के रावल सामंतसिंह से जालोर के कीर्तिपाल चौहान ने राज्य छीन लिया। तब यह आहड़ प्रदेश में आए। मेवाड़ में बहने वाली आ...
Read Moreडूंगरपुर महारावल उदयसिंह जी के दो पुत्रों में राज्य का बँटवारा हुआ। बड़े पुत्र पृथ्वीराज जी को *डूंगरपुर* मिला व छोटे पुत्र जगमाल...
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