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राठौड़ वंश
ब्रज देशां , चंदन वनां , मेरु पहाड़ां मोड़ ! गरुड़ खगां, लंका गढां, राजकुलां राठौड़ ! (जिस तरह सभी प्रदेशों में ब्रज प्र...
Himmat Singh 75
पीथळ और पातळ
पीथळ पातल जो पतसाह, बोलै मुख हूंतां बयण । मिहर पछम दिस मांह, ऊगे कासप राव उत॥1 ॥ पटकूं मूंछां पाण, के पटकूं निज तन...
Himmat Singh 45
रण बंका राठौड़
ब्रज देशा, चन्दन वना, मेरु पहाडा मोड़ ! गरुड़ खगां, लंका गढां, राजकुलां राठौड़ !! बलहट बँका देवड़ा, करतब बँका गौड़...
Himmat Singh 48
झाला राजपूतों का इतिहास
दीधा फिर देसी घणां, मालिक साथै प्रांण। चेटक पग दीधी जठै, सिर दीधौ मकवांण। (यानी जहां चेतक ने सिर दिया, वहां झाला मा...
Himmat Singh 87
🕉️ ब्रह्मर्षि विश्वामित्र — तप, शक्ति और संकल्प के प्रतीक
भारतीय सनातन परंपरा में अनेक महर्षि और ऋषि हुए जिन्होंने अपनी तपस्या, योगबल और ज्ञान के माध्यम से मानवता को दिव्य मार्ग...
बीदावत राठौड़ इतिहास
बीदावत राठौड़ - जोधपुर के राव जोधाजी के दो पुत्री और सोलह पुत्र थे उनमें से राव बीदोजी [राव बीदाजी] के वंसज बीदावत राठौड...
Himmat Singh 80
कछवाहा वंश का इतिहास
कच्छवाहा वंश अयोध्या राज्य के इक्ष्वाकु वंश की एक शाखा है। अयोध्या राज्य वंश में महान राजा इक्ष्वाकु, दानी हरिशचन्द्र, स...
Himmat Singh 94
कछवाहा वंश का इतिहास
कच्छवाहा वंश अयोध्या राज्य के इक्ष्वाकु वंश की एक शाखा है। अयोध्या राज्य वंश में महान राजा इक्ष्वाकु, दानी हरिशचन्द्र, स...
Mohit 46
गौड़
बलहट बंका देवड़ा, करतब बंका गौड़, हाडा बंका गाढ़ में, रण बंका राठौड़ ! उत्पत्ति एवं विस्तार गौड़ क्षत्रिय भगवान...
Himmat Singh 50
तनसिंह जी
संपर्क में रहकर अपने उद्देश्य के अनुरूप उपयुक्त प्रणाली हेतु चिंतन करते रहे। इस दौरान उन्होंने नित्य, निरंतर और नियमित अ...
Himmat Singh 45
गुहिलोत (सिसोदिया) वंश : उत्पत्ति
भगवान *राम* के पुत्र कुश के वंशज अयोध्या के अंतिम सूर्यवंशी राजा सुमित्र के एक पुत्र कूर्म के वंशज *कछवाह* कहलाये। सुमित...
Himmat Singh 48
मेवाड़ राज्य
गुहादित्य ने ईस्वी सन् 566 के लगभग ईडर में अपना राज्य स्थापित किया। इनके वंशज भोज, महेंद्र 1, नाग, शील, अपराजित तथा महें...
Himmat Singh 52